बुधवार, 14 जनवरी 2026

 

रायबरेली में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, साइबर ठगी गिरोह का एक और आरोपी गिरफ्तार, सरगना अब भी फरार


भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनमें साइबर ठगी की रकम मंगाने वाले गिरोह के एक और सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह के दो आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य सरगना अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस जिले के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी दबिश दे रही है।

मामले की शुरुआत तीन अप्रैल 2025 को हुई थी, जब कहारों का अड्डा निवासी परवेज अहमद ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर साइबर ठगी का शिकार होने की जानकारी दी थी। परवेज का आरोप है कि गल्ला मंडी में मिर्च का कारोबार करने वाले शादाब अली ने उसे झांसे में लेकर दो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए और बाद में उन खातों का संचालन खुद करने लगा।

कुछ समय बाद परवेज को जानकारी मिली कि शादाब ने अपने कर्मचारियों तुषार सोनकर और मोनू के भी बैंक खाते खुलवाए हैं और उनका संचालन भी वही कर रहा है। जब परवेज ने बैंक जाकर खातों की जांच कराई तो सामने आया कि शादाब ने अपनी पहचान पर यूपीआई कोड जारी कराकर करीब तीन करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।


परवेज ने बताया कि जब तुषार सोनकर के खाते का स्टेटमेंट निकलवाया गया तो उसमें भी शादाब द्वारा जारी यूपीआई के जरिए तीन करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन पाया गया। लेन-देन से जुड़े आईएफएससी कोड की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि धनराशि मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और अहमदाबाद समेत कई राज्यों में भेजी गई है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मंगलवार को कोतवाली नगर क्षेत्र के गुलाब रोड निवासी तुषार सोनकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इससे पहले इस मामले में कचहरी रोड निवासी राज सिंह और हरचंदपुर थाना क्षेत्र के मलिकपुर बरना निवासी सुधांशु को भी जेल भेजा जा चुका है।

साइबर क्राइम थानाध्यक्ष अजय सिंह तोमर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरोह के सरगना सहित अन्य फरार सदस्यों की तलाश लगातार की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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